<p>अप्रवासी भारतीयों को उत्तर प्रदेश रत्न पुरस्कार मार्गदर्शक सिद्धांत (प्रथम संशोधन)-2018</p> <p>1. पुरस्कार का उद्देश्य एवं क्षेत्र</p> <p>2. पुरस्कार प्रदान किए जाने वाले क्षेत्र</p> <p>3. पुरस्कार हेतु पात्रता एवं अर्हताएँ</p> <p>4. पुरस्कार के लिए नामांकन/आवेदन प्रक्रिया</p> <p>5. स्क्रीनिंग कमेटी का गठन एवं कार्य</p> <p>6. नामांकनों का परीक्षण एवं विधावार वर्गीकरण</p> <p>7. चयन समिति के समक्ष नामांकन प्रस्तुत करने की प्रक्रिया</p> <p>8. पुरस्कार की अधिकतम संख्या</p> <p>9. पुरस्कार एक ही व्यक्ति को जीवनकाल में एक बार प्रदान किए जाने का प्रावधान</p> <p>10. पुरस्कार प्रदान करने का स्वरूप एवं सम्मान</p> <p>11. पुरस्कार वापस लिए जाने का प्रावधान</p> <p>12. अन्य आवश्यक प्रावधान एवं शर्तें</p> <p>उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार यह मार्गदर्शक सिद्धांत मूलतः वर्ष 2015 में जारी किया गया था और प्रथम संशोधन दिनांक 01 मई 2018 को किया गया। :contentReference[oaicite:0]{index=0}</p>
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